मिर्गी के लक्षण, कारण, इलाज और बचाव। Epilepsy in Hindi


Meaning of Epilepsy in Hindi. यानी मिर्गी, आपने मिर्गी के दौरे या रोग के बारे में जरूर सुना होगा। लेकिन शायद ही आप Mirgi Ka Dora Ku Padta Hai यह बात जानते होंगे। मिर्गी एक मस्तिष्क से संबंधी विकार के है। मिर्गी के लक्षण, कारण और इलाज से जुड़ी कई बातें हैं जिसके बारे में लोग नहीं जानते।

 पर अगर आप मिर्गी के दौरे से बचना चाहते हैं या इसकी पहचान करना चाहते हैं तो जरूरी है कि आप इस रोग के बारे में अच्छी तरह से जान लें। आज हम आपको अपने इस लेख में मिर्गी से जुड़ी हर छोटी बड़ी जानकारियां साझा करेंगे। अगर आप मिर्गी के रोग से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारियां हासिल करना चाहते हैं तो हमारे इस लेख पर अंत तक बने रहें। 

मिर्गी का मीनिंग क्या है – What is The meaning of Epilepsy in Hindiमिर्गी का मीनिंग क्या है - What is The meaning of Epilepsy in Hindi

Mirgi को English में Epilepsy कहा जाता है। आपको बता दें कि मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है, जो दिमाग और नर्वस सिस्टम पर असर डालती है। सरल भाषा में अगर मिर्गी के दौरे को समझा जाए तो बता दें कि मिर्गी का दौरान व्यक्ति को तब पड़ता है जब मस्तिष्क में नर्व सेल्स की गतिविधि बाधित हो जाती है। इस दौरान व्यक्ति का कंट्रोल अपने शरीर पर से खो जाता है और वह अजीबो गरीब तरीके से जमीन पर गिर जाता है और हिलने लगता है। कई बार इस स्थिति में व्यक्ति बेहोश भी हो जाता है।

क्या मिर्गी संक्रामक रोग है 

मिर्गी ना तो को संक्रामक रोग है और ना ही यह मस्तिष्क की कमजोरी की वजह से होता है। हालांकि कई बार मिर्गी का दौरा पड़ने से व्यक्ति के मस्तिष्क पर इसका बहुत गहरा असर पड़ता है। जबकि ज्यादातर दौरों में मस्तिष्क पर इसका कुछ खास असर नहीं होता। मिर्गी होने के कारण यूं तो कई हैं। लेकिन ज्यादातर मामलों में यह जेनेटिक या दिमागी चोट से ही होता है। 

मिर्गी के जोखिम और प्रसार 

  1. मिर्गी का रोग किसी भी व्यक्ति को किसी भी उम्र में हो सकता है। यह बच्चों को भी हो सकता है और बुजुर्गों को भी। 
  2. मिर्गी के दौरे में मौत होने का खतरा भी बना रहता है। यह तब ज्यादा होता है जब किसी व्यक्ति को लंबे समय तक दौरा आता रहे और वह पूरी तरह से अपना होश खो बैठा हो। 
  3. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत में हर 1000 व्यक्तियों पर 14 लोग मिर्गी से पीड़ित होते हैं। 
  4. सिर पर लगने वाली चोट की वजह से मिर्गी की शिकायत हो सकती है। 
  5. यह रोग बच्चों और वयस्कों को भी प्रभावित कर सकता है। हालांकि इस रोग के होने के बाद भी एक व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है। 

दोस्तों Meaning of Epilepsy in Hindi के बाद हम इसके प्रकार के बारे में जानेंगे। 

मिर्गी के प्रकार – Types of Epilepsy in Hindi मिर्गी के प्रकार - Types of Epilepsy in Hindi 

Mirgi के कई प्रकार होते हैं। हालांकि ज्यादातर लोगों को ऐसा लगता है कि मिर्गी केवल एक ही तरह की होती है। लेकिन आपको हम बता दें कि मिर्गी कई तरह की होती है। आइए विस्तार से जानते हैं मिर्गी के कितने प्रकार होते हैं और यह कैसे एक दूसरे से भिन्न है। 

 Partial Seizure

आपको बता दें कि आंशिक दौरे के दौरान व्यक्ति के मस्तिष्क के केवल एक ही हिस्से में गतिविधि हुई थी। आंशिक दौरे भी दो तरह का होता है जो कुछ इस प्रकार है।

  1. सरल आंशिक दौरा – इस दौरे के दौरान व्यक्ति अपने होश में रहता है और उसे अपनी स्थिति का ज्ञान होता है। ऐसे में भले ही दौरा बढ़ क्यों ना रहा हो। 
  2. जटिल आंशिक दौरा – यह स्थिति पहले के मुकाबले थोड़ी भिन्न होती है। इसमें व्यक्ति की चेतना खत्म हो जाती है और मरीज को याद भी नहीं होता कि उसके साथ क्या हुआ था। 

Generalised Seizure 

यह मिर्गी के दौरे के वह स्थिति है जिसमें मस्तिष्क के दोनों हिस्सों में मिर्गी से जुड़ी गतिविधि होती है। जब दौरा बढ़ जाता है तो मरीज अपना होश खो बैठता है और बेहोश हो जाता है। 

  • टॉनिक – क्लोनिक दौरा – यह सामान्यीकृत दौरे की वह स्थिति है जो सबसे ज्यादा देखी जाती है। इस दौरान व्यक्ति पूरी तरह होश खो बैठता है और शरीर अकड़ने और कांपने लगता है। 
  • एब्सेंस दौरा – यह स्थिति अन्य दौरो से काफी अलग होती है। इस दौरान व्यक्ति एक ही चीज को घूर रहा होता है और चेतना पूरी तरह लुप्त हो जाती है। 
  • टॉनिक दौरा – मिर्गी के इस दौरे में व्यक्ति का मांसपेशियां बेहद कठोर हो जाती हैं। जिसकी वजह से व्यक्ति बेहोश होकर भी गिर जाता है। 
  • एटोनिक दौरे – मांसपेशियों पर नियंत्रण में कमी, जिसके कारण व्यक्ति अचानक गिर सकता है। 
  • क्लोनिक दौरा – यह दौरा नियत अंतराल के बाद लगने वाले झटकों के साथ संबंध रखता है। 

Second Generalised Seizure 

मिर्गी के दौरे की यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जो मस्तिष्क के दोनों हिस्सों में आंशिक दौरा शुरू होकर एक गंभीर रूप ले लेता है। शुरुआत में यह आंशिक दौरे की तरह ही होता है। लेकिन बाद में स्थिति गंभीर हो जाती है। दौरा अधिक बढ़ने पर व्यक्ति अपनी चेतना पूरी तरह खो देता है। 

मिर्गी होने के कारण – Causes of Epilepsy in Hindi
मिर्गी होने के कारण - Causes of Epilepsy in Hindi

दोस्तों इससे पहले हम आपको Mirgi Ka Ilaz बताएं इससे पहले जरूरी है कि आप मिर्गी के होने की मुख्य वजह को जान लें। अगर आप मिर्गी के दौरे की मुख्य वजह को सही प्रकार जान पाए तो हो सकता है कि आपको यह हो हीं ना और आप अपना जीवन स्वस्थ रहकर बिताएं। 

जेनेटिक कारण

अगर किसी व्यक्ति के परिवार या फैमिली हिस्ट्री में मिर्गी का दौरे कि शिकायत रही हो, तो संभव है कि उस परिवार के किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। ऐसे कई रोग होते हैं जो फैमिली हिस्ट्री से जुड़े हुए होते हैं। इनमें डायबिटीज और मिर्गी दोनों शामिल हैं। 

मस्तिष्क में दिक्कत 

अगर मस्तिष्क से जुड़ी कोई अन्य समस्या हो तो यह भी मिर्गी के दौरे का कारण बन सकती है। इनमें ब्रेन स्ट्रोक या ट्यूमर की वजह से यह स्थिति आमतौर पर उत्पन्न होती है। 

गर्भ में लगी चोट

अगर किसी शिशु को मां के पेट में ही सिर पर चोट लग गई हो या महिला दुर्घटनाग्रस्त हो गई हो, तो इसका प्रभाव शिशु पर हो सकता है। ऐसे में आगे चलकर यह स्थिति मिर्गी के दौरे की शक्ल ले लेती है। 

मस्तिष्क विकार 

अगर किसी व्यक्ति को मस्तिष्क के विकास से जुड़े विकार हो जाए तो यह भी मिर्गी के दौरे की स्थिति को जन्म दे सकता है। अगर आपके परिवार में ऐसा कोई व्यक्ति या बच्चा है तो इसका समय पर उपचार कराएं। 

चोट लगना

अगर किसी व्यक्ति को बचपन में या किसी भी उम्र के दौरान सिर में गहरी चोट आई हो तो यह मिर्गी की स्थिति को जन्म दे सकता है। ऐसा होने पर मरीज को उपचार कराना बेहद जरूरी हो जाता है। 

जेनेटिक कारण

अगर किसी व्यक्ति के परिवार या फैमिली हिस्ट्री में मिर्गी का दौरे कि शिकायत रही हो, तो संभव है कि उस परिवार के किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। ऐसे कई रोग होते हैं जो फैमिली हिस्ट्री से जुड़े हुए होते हैं। इनमें डायबिटीज और मिर्गी दोनों शामिल हैं। 

मस्तिष्क में दिक्कत 

अगर मस्तिष्क से जुड़ी कोई अन्य समस्या हो तो यह भी मिर्गी के दौरे का कारण बन सकती है। इनमें ब्रेन स्ट्रोक या ट्यूमर की वजह से यह स्थिति आमतौर पर उत्पन्न होती है। 

गर्भ में लगी चोट

अगर किसी शिशु को मां के पेट में ही सिर पर चोट लग गई हो या महिला दुर्घटनाग्रस्त हो गई हो, तो इसका प्रभाव शिशु पर हो सकता है। ऐसे में आगे चलकर यह स्थिति मिर्गी के दौरे की शक्ल ले लेती है। 

मस्तिष्क विकार 

अगर किसी व्यक्ति को मस्तिष्क के विकास से जुड़े विकार हो जाए तो यह भी मिर्गी के दौरे की स्थिति को जन्म दे सकता है। अगर आपके परिवार में ऐसा कोई व्यक्ति या बच्चा है तो इसका समय पर उपचार कराएं। 

चोट लगना

अगर किसी व्यक्ति को बचपन में या किसी भी उम्र के दौरान सिर में गहरी चोट आई हो तो यह मिर्गी की स्थिति को जन्म दे सकता है। ऐसा होने पर मरीज को उपचार कराना बेहद जरूरी हो जाता है।

मिर्गी के लक्षण क्या हैं –  Epilepsy Symptoms in Hindi मिर्गी के लक्षण क्या हैं -  Epilepsy Symptoms in Hindi 

मिर्गी के कारण जानने के बाद जरूरी है कि आप Mirgi Ke Lakshan के बारे में भी जान लें। आपको बता दें कि मिर्गी के दौरों के लक्षण को भी तीन अलग – अलग श्रेणियों में बाटा जाता है। आइए विस्तार से समझते हैं इन्हें। 

सामान्यीकृत दौरा

मिर्गी के इस तरह के दौरे में दिमाग का पूरा हिस्सा ही जुड़ा होता है। इसके कुल 6 प्रकार होते हैं जो कुछ इस प्रकार हैं। 

क्लोनिक दौरा – मिर्गी के दौरे के इस लक्षण में व्यक्ति की गर्दन, चेहरा, और हाथ की मांसपेशियाों में झटका लगने लगता है। 

एब्सेंस दौरा – मिर्गी के इस दौरे में व्यक्ति की आंखें झपकती हैं और वह चटकार लेता दिखाई देता है। यही मिर्गी के एब्सेंस दौरे के लक्षण है। 

टॉनिक क्लिनिक दौरा – इस दौरे के दौरान व्यक्ति के शरीर में अकड़न पैदा हो जाती है। इसके अलावा जीभ काटना, आंत्र नियंत्रण, कम्पन, जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं।

टोनिक दौरा – मिर्गी के इस दौरे में व्यक्ति की मांसपेशियों में बहुत बुरी अकड़न पैदा होने लगती है। 

एटोनिक – इस तरह के दौरे में व्यक्ति कि चेतना पूरी तरह काम करना बंद कर देती है, और वह  जमीन पर गिर जाता है। यह एटोनिक दौरे के लक्षण है। 

मायोक्लिनिक दौरा – मिर्गी के दौरे के इस प्रकार में आपको पैरो में झनझनाहट जैसे लक्षण महसूस होने लगते हैं। 

मिर्गी के आंशिक दौरा के लक्षण

जब व्यक्ति को इस तरह का मिर्गी का दौरा पड़ता है तो इसमें व्यक्ति की चेतना जाती नहीं है। इसके अलावा इस तरह के मिर्गी के दौरे के लक्षण जो आपको देखने को मिलते हैं वह कुछ इस प्रकार हैं। 

  1. इस तरह के दौरे के दौरान व्यक्ति को जोर से चक्कर आने लगते हैं। 
  2. शरीर के दूसरे कई अंगों में तेज झनझनाहट होने लगती है। 
  3. व्यक्ति के स्वाद, सूंघने की क्षमता और छूने के सेंसेस में बदलाव होने लगता है। 

जटिल आंशिक दौरा

इस तरह के मिर्गी के दौरे के दौरान व्यक्ति अपनी चेतना को पूरी तरह खो सकता है और बेहोश भी होने लगता है। आइए जानते हैं इस तरह के मिर्गी के दौरे के सिंपटम्स। 

  • जब इस तरह का दौरा किसी को पड़ता है वह पूरी तरह सुन्न् होने लगता है और किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दे पाता। 
  • इस तरह के दौरे के दौरान व्यक्ति की नजर एक ही जगह टिक कर रही जाती है। 
  • इस दौरे के दौरान व्यक्ति अपनी गतिविधियों को बार – बार दोहराता रहता है। 

मिर्गी के दौरे से बचाव – Prevention of Epilepsy in Hindiमिर्गी के दौरे से बचाव - Prevention of Epilepsy in Hindi

मिर्गी का दौरा भले ही लोगों को समान लगता लेकिन इससे आगे चलकर कई तरह की दिक्कते पैदा हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप मिर्गी के दौरे से बचने के हर संभव प्रयास करते रहें। आइए जानते हैं मिर्गी की समस्या से कैसे बचे रह सकते हैं। 

  • मिर्गी से बचे रहना का सबसे आसान तरीका ही  की आप अपने सिर को चोट लगने से बचाकर रखें। अगर सिर पर चोट नहीं लगती तो यह रोग होने की संभावना बेहद कम हो जाती है। 
  • अगर किसी व्यक्ति को मिर्गी का पहला या दूसरा ही दौरा आया हो तो उस व्यक्ति को तुरंत ही डॉक्टर से दवा लेकर उपचार प्रक्रिया शुरू करा देनी चाहिए। ऐसा करने से मिर्गी के आने वाले दौरों से बचा जा सकता है। 
  • गर्भावस्था के दौरान महिलाएं अगर समय – समय पर शिशु की जांच कराती रहें और गर्भावस्था में तनाव आदि से दूर रहें। साथ ही गिरने से बची रहें तो बच्चें को मिर्गी से बचाकर रखा जा सकता है।
  • आजकल के वक्त में तनाव एक समान सी बात है लेकिन अधिक तनाव मिर्गी को जन्म दे सकता है। इसलिए अधिक तनाव लेने से बचें। इससे आपको मिर्गी नहीं आती। 
  • अगर आप सही प्रकार से नींद नहीं लेते तो भी मिर्गी का दौरा आपको आ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप नींद जरूर पूरी करें। 
  • नशीली दवाओं या किसी भी दूसरी दवा का सेवन मिर्गी को जन्म दे सकता है। ऐसे में किसी भी दवा को लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।  

मिर्गी का परीक्षण का तरीका -Diagnosis Of Epilepsy in Hindi मिर्गी का परीक्षण का तरीका -Diagnosis Of Epilepsy in Hindi 

अगर आपको मिर्गी का दौरा पड़ा है तो आपको बिना समय गवाएं डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। आमतौर पर डॉक्टर मिर्गी के दौरे के कारणों की जांच करने के लिए कुछ टेस्ट करने की सलाह देते हैं। 

ब्लड टेस्ट 

इस तरह के टेस्ट में देखा जाता है कि किसी तरह का संक्रामक रोग तो नहीं है, या लिवर ठीक से काम कर रहा है या नहीं। इसके अलावा ब्लड शुगर लेवल क्या है। इस तरह भी मिर्गी का पता लगाया जाता है।

इमेजिंग टेस्ट 

  • सीटी स्कैन
  • एमआरआई
  • पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी

इलेक्ट्रोइन्सेफलोग्राम तकनीक या  EEG

यह एक तकनीक है जिसके जरिए पता लगाया जाता है कि व्यक्ति की मानसिक स्थिति कैसी है और क्या मस्तिष्क सही तरह से काम कर रहा है या नहीं। यह टेस्ट आमतौर पर एक न्यूरोलॉजिस्ट ही करता है। 

मिर्गी का इलाज क्या है –  Treatment of Epilepsy in Hindi मिर्गी का इलाज क्या है -  Treatment of Epilepsy in Hindi 

दोस्तों अब तक आपने मिर्गी के लक्षण, कारण, और बचाव के तरीके जाने।अब हम आपको मिर्गी से पूरी तरह छुटकारा पाने के उपाय या इलाज बताएंगे। अगर आप भी मिर्गी ,से पीड़ित हैं तो आप भी इन इलाज प्रक्रियाओं को सहारा ले सकते हैं। आइए जानते हैं मिर्गी का इलाज। 

मिर्गी के इलाज 

आपको बता दें कि मिर्गी के इलाज के लिए सबसे पहला तरीका अगर कोई है तो वह है दवाएं। हालांकि मिर्गी के दौरे की दवा केवल दौरों की संख्या को कम कर सकती हैं।

  • वेगस तंत्रिका स्टूमिलेटर 
  • ब्रेन सर्जरी
  • कीटोजेनिक डाइट 
  • एंटी – एपिलेप्टिक दवाएं

दवाओं के अलावा ब्रेन सर्जरी से भी मिर्गी का इलाज किया जाता है। लेकिन सर्जरी के जरिए यह पूरी तरह खत्म हो जाए यह कह पाना मुश्किल है। 

निष्कर्ष – Conclusion

दोस्तों हमने अपने इस लेख में आपको Meaning of Epilepsy in Hindi यानी मिर्गी के कारण लक्षण और इलाज से जुड़ी संपूर्ण जानकारी दे दी है। अब अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  1. मिर्गी को अंग्रेजी भाषा में क्या कहते हैं?

    मिर्गी को अंग्रेजी भाषा में Epilepsy के नाम से जाना जाता है।

  2. क्या मिर्गी का रोग फैमिली हिस्ट्री की वजह से भी हो सकता है?

    हां, मिर्गी का रोग फैमिली हिस्ट्री की वजह से भी हो सकता है।

  3. क्या सिर पर चोट लगना मिर्गी होने का एक मुख्य कारण है?

    हां अगर सिर पर गहरी चोट लग जाए तो यह मिर्गी की समस्या को जन्म दे सकती है।

  4. क्या मिर्गी के लक्षणों में चक्कर आना भी शामिल हैं?

    हां, कई मामलों में चक्कर आना मिर्गी का ही लक्षण होता है।

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