Coriander Means क्या है in Hindi। धनिया के फायदे और नुकसान


Coriander Means in Hindi. यानी धनिया। भारतीय रसोई के अंदर ऐसे कई मसाले या खाद्य सामग्री का उपयोग किया जाता है, जो न केवल स्वाद को बेहतर करते हैं। बल्कि आपकी सेहत पर भी सकारात्मक असर दिखाता है। आज हम आपको ऐसे ही Dhaniya or Dhania Ke Fayde से रूबरू कराएंगे। 

हमारे व्यंजन आज भी और हमेशा ही बिना धनिया के अधूरे ही रहेंगे। वहीं धनिया के पत्ते ही नहीं Coriander Powder, Coriander Seeds का इस्तेमाल भी भारतीय रसोई में किया जाता है। इसके अलावा धनिया खाने के फायदे तो आपको होते ही हैं। साथ ही धनिया का उपयोग कई तरह की आयुर्वेदिक दवाओं में भी किया जाता है। अगर आप भी इस प्राकृतिक उपहार यानी धनिया के फायदे और नुकसान  एवं उपयोग से जुड़ी हुई किसी प्रकार की जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो हमारे इस लेख को अंत तक पढ़ें। 

क्या है धनिया –  What is Coriander Means in Hindi क्या है धनिया -  What is Coriander Means in Hindi 

धनिया क्या है यह सवाल अक्सर कई लोगों के जेहन में आता है। आपको बता दें कि धनिया एक मसाला भी है और एक औषधि भी है। इसका उपयोग एक तरफ जहां बहुत सी सब्जियों और खाद्य सामग्रियों में किया जाता है। वहीं आयुर्वेद के अंदर धनिया का इस्तेमाल कई रोग निवारक दवा बनाने के लिए किया जाता है। 

लेकिन आपको बता दें कि केवल धनिया ही नहीं, बल्कि Coriander Seeds और Coriander Powder का इस्तेमाल भी किया जाता है। आगे हम धनिया या कोरिएंडर के बीज, एवं पाउडर से जुड़ी हुई कई बातें साझा करेंगे। आइए जानते हैं धनिए के गुण, लाभ, उपयोग और नुकसान के बारे में। 

धनिया की खेती – Dhaniya Ki Kheti

भारत को मसालों के देश के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि भारत के अंदर ही विश्व में सबसे ज्यादा मसाले की खेती की जाती है। लेकिन सबसे पहले धनिया की खेती कहां की गई इसके बारे में किसी तरह के प्रमाण मौजूद नहीं है। हालांकि चीन के अंदर पार्सले की खेती लंबे समय से की जा रही है, जो धनिया की तरह ही दिखाई देता है। लेकिन यह धनिए से थोड़ा अलग होता है। 

धनिया के खेती की खेती से जुड़ी अन्य बातें 

  • अगर आप धनिया की खेती करना चाहते हैं तो ध्यान रहे कि एक ठंडे और शुष्क मौसम में ही इसकी खेती करें तभी उत्पादन बेहतर हो सकता है। 
  • धनिया की खेती में तेज धूप का होना बेहद जरूरी होता है।
  • अगर धनिया की खेती की जमीनी की बात करें तो यह समुद्री तट से बहुत ऊंचे स्थान पर होनी चाहिए। 
  • धनिया की खेती का समय रबी मौसम के दौरान ही बेहतर होता है। 
  • अगर खेती करना चाहते हैं तो 15 अक्टूबर से लेकर 15 नवंबर तक धनिया की खेती उपयुक्त रहती है। 

धनिया की किस्म 

यूं तो धनिया की कई किस्म होती हैं जिनकी खेती की जाती है। लेकिन हम आपको इसकी कुछ ऐसी किस्म के बारे में बताएंगे जिनका उपयोग सबसे ज्यादा किया जाता है। 

  • हिसार सुगंध – यह बुवाई के 120 से 125 दिनों के भीतर फसल के रूप में तैयार हो जाता है। इसके पौधे की ऊंचाई  मध्य आकार की होती है। अगर आप इस किस्म की खेती करते हैं तो महज एक एकड़ जमीन पर 7.4 से लेकर 8.4 क्विंटल तक फसल प्राप्त की जा सकती है।
  • पंत हरितमा – यह फसल महज 110 दिनों के भीतर हो जाती है। पंत हरितमा के किस्म के पौधे की ऊंचाई मध्य रहती है और इसके दाने भी गोल और मध्य आकार के होते हैं। एक एकड़ जमीन पर 6 से 8 क्विंटल तक पैदावार की जा सकती है। 
  • आर सी आर 41 – अगर आप अच्छी पत्तियों के लिए ही धनिया की खेती कर रहे हैं तो यह विकल्प आपके लिए सबसे बेहतर है। यह फसल महज 130 से 140 दिनों के भीतर हो जाती है। वहीं महज एक एकड़ जमीन पर 8 क्विंटल फसल उगाई जा सकती है। 
  • जी सी 2 या गुजराती धनिया 2 – इस किस्म का धनिया महज 110 दिन के अंदर ही तैयार हो जाता है। यह दूसरे पत्तों के मुकाबले अधिक हरा और स्वादिष्ट होता है। एक एकड़ जमीन के जरिए इसकी 6 क्विंटल फसल प्राप्त की जा सकती है। 

धनिया का उत्पादन

धनिया की खेती भारत में सबसे ज्यादा की जाती है। इसकी खेती कई राज्यों में की जाती है जैसे पंजाब, गुजरात, राजस्थान, बिहार, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश आदि। इसमें भी सबसे ज्यादा धनिया की खेती मध्य प्रदेश द्वारा की जाती है, इसकी खेती लगभग 1,16,607 हेक्टेयर में की जाती है। वहीं मध्यप्रदेश के जरिए ही केवल 1,84,702 टन धनिया की प्राप्ति होती है। भारत ही दुनिया में धनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है। 

धनिया से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी – Important Information Coriander means in Hindi 

  • धनिया की तासीर – किसी भी सामग्री के सेवन से पहले यह जरूरी है कि आप उसकी और अपनी तासीर के तालमेल को समझ लें। आपको बता दें कि धनिया की तासीर ठंडी होती है। इसलिए इसका सेवन आवश्यकता से अधिक नहीं करना चाहिए। 
  • धनिया का उपयोगी भाग – धनिया के पत्ते, धनिया के बीज और धनिया पाउडर का भी उपयोग किया जाता है। वहीं आयुर्वेद में धनिया के जरिए ही कई दवा का उपयोग किया जाता है। 
  • धनिया कहां लगाया जाता है – धनिया की खेती देश के अलग – अलग राज्यों में की जाती है। 
  • धनिया के लाभ महिलाओं पर – अगर महिलाओं को मासिक धर्म से जुड़ी किसी तरह की कोई दिक्कत है तो आप धनिया का सेवन कर सकते हैं। 

धनिया के पोषक तत्व 

धनिया को कई गुणों का खजाना माना जाता है। इसके अंदर आपको प्रोटीन, कार्ब्स,  फैट, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम, जिंक विटामिन सी, थायमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, और टोटल सेचुरेटेड फैटा पाया जाता है। यह सभी तत्व आपके शरीर की सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं। 

धनिया के फायदे – Benefits of Coriander Seeds in Hindi धनिया के फायदे - Benefits of Coriander Seeds in Hindi 

दोस्तों अब तक आप Coriander Means in Hindi यानी धनिया का अर्थ तो समझ ही गए होंगे। साथ ही अब तक आपने धनिया से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें भी जान ली हैं। अब हम एक नजर Dhaniya Ke Fayde पर डालेंगे। यह आपकी सेहत के कई पहलुओं को सुधार सकता है। आइए जानते हैं धनिया के फायदे। 

मानसिक विकार में लाभदायक 

धनिया के फायदे अक्सर मानसिक विकार के दौरान देखने को मिलते हैं। आपको बता दें कि धनिया के अंदर एंटी-कंविलिसेंट गुण पाए जाते हैं। यह गुण कुछ मानसिक विकार जैसे मिर्गी के दौरे की समस्या से आपको बचाकर रख सकता है। यही नहीं ऐसे लोग जो अपनी खराब याददाश्त से परेशान हैं। यह लोग भी धनिया का सेवन कर सकते हैं। धनिए के इन्हीं गुणों के आधार पर कहा जा सकता है कि मानसिक विकार में धनिया खाने के फायदे होते हैं। 

एनीमिया में कोरिएंडर सीड्स के फायदे 

आपने शायद इस रोग से पीड़ित बहुत सी महिलाओं और पुरुषों को देखा होगा। आपको बता दें कि इस स्थिति में व्यक्ति के शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है और यह शरीर में आयरन की कमी की वजह से होती है। वहीं अगर आप कोरिएंडर सीड्स का सेवन करते हैं तो आपकी यह समस्या भी इससे समाप्त हो जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि धनिया में आयरन पर्याप्त मात्रा में होता है जो आपको एनीमिया से बचाकर रखता है। यही नहीं इसमें विटामिन सी भी होता है जो शरीर में आयरन को अवशोषित करने में मददगार होता है। इस लिहाज से कहा जा सकता है कि धनिया के फायदे एनीमिया में भी हैं। 

डायबिटीज में धनिया बीज के फायदे 

ऐसे लोग जो डायबिटीज के रोग से पीड़ित हैं, वह लोग धनिया के जरिए डायबिटीज को नियंत्रित करके रख सकते हैं। आपको बता दें कि धनिया के अंदर फ्लेवोनोइड, पॉलीफेनोल, बी – कैरोटीनोइड जैसे यौगिक गुण पाए जाते हैं। यह गुण रक्त शर्करा और ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं। इसके अलावा आपको बता दें कि धनिया में ऐसे गुण भी होते हैं जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में आपकी सहायता कर सकते हैं। यही नहीं टाइप -2 डायबिटीज के मरीजों में हाइपरलिपिडिमिया यानी खून के मोटा होने की वजह से जो हृदय समस्याएं होती हैं। उन्हें भी धनिया के सेवन से रोका जा सकता है।

अर्थराइटिस में धनिया फायदेमंद

आप शायद जानते ही होंगे कि आर्थराइटिस या गठिया की समस्या के दौरान व्यक्ति के जोड़ों में भयंकर दर्द और सूजन बनी रहती है। लेकिन महज धनिया का सेवन करने से इस दर्द और सूजन से कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है। आपको बता दें कि धनिया के अंदर लिनोलिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह गुण शरीर में एंटी अर्थराइटिस के रूप में काम करते हैं। धनिया के अंदर मौजूद गुण साइटोकिन्स कंपाउंड से लड़ने में सहायता करते हैं जो जोड़ों में सूजन की वजह होता है।

पाचन के लिए 

आज के समय में शारीरिक कार्यों की कमी के चलते और बेकार के खानपान की वजह से पाचन संबंधी समस्याएं पैदा होने लगती हैं। आपको बता दें कि धनिया के बीज के सेवन से शरीर में बाइल एसिड का निर्माण होता है। यह बाइल एसिड पाचन क्रिया को बेहतर करता है। यही नहीं इसमें कार्मिनेटिव प्रभाव भी होता है जो गैस की समस्या से आपको राहत दिलाता है। साथ ही यह छोटी आंत में मौजूद प्रोटीन को तोड़ने का भी काम करता है और पाचन को बढ़ावा देने वाले एंजाइम को बढ़ावा देता है। 

आंखों के लिए 

ऐसे लोग जिनकी आंखें लाल, गुलाबी हो जाती हैं, या फिर आंखों में खुजली, सूजन और जलन जैसी समस्या रहती है। उनके लिए धनिया के फायदे देखने को मिल सकते हैं। आपको बता दें कि इसके अंदर ऐसे गुण होते हैं जो सूजन, खुजली के उत्तरदायी साइटोकिन्स कंपाउंड से लड़ते हैं। यही नहीं इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण भी होते हैं। इस लिहाज से कहा जा सकता है कि धनिया आंखों की समस्या से राहत दिला सकती है। 

मासिक धर्म में 

महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान बहुत ही पीड़ादायक पेट दर्द और कमर दर्द से जूझना पड़ता है। लेकिन इस स्थिति में धनिया के बीज से बनी चाय का सेवन करना आपको इस दर्द से छुटकारा दिला सकता है। ज्ञात हो कि इसके अंदर एंटी इंफ्लामेटरी व एनाल्जेसिक ड्रग की तरह काम करता है और दर्द को कम करता है। यही नहीं अगर आप को मासिक धर्म के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है तो इसे भी धनिया के सेवन से रोका जा सकता है।

हृदय के लिए फायदेमंद

आज के समय में हर तीसरा चौथा व्यक्ति हृदय रोगों से पीड़ित है। लेकिन महज धनिया के जरिए भी आप हृदय रोगों से बच सकते हैं। ज्ञात हो कि धनिया के सेवन से बैड फैट और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है जो हृदय रोग के लिए सबसे ज्यादा उत्तरदायी होते हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि धनिया के लाभ आपको हृदय रोगों से भी बचाने में देखने को मिल सकते हैं। 

बालों के लिए धनिया के लाभ

बालों की एक या दो नहीं, बल्कि कई सारी समस्याओं से राहत पाने के लिए धनिया का उपयोग किया जा सकता है। ऐसे लोग जो बाल झड़ने की समस्या से पीड़ित हैं। उनके लिए धनिया लाभदायक हो सकता है। दरअसल धनिया के अंदर जिंक और आयरन पाया जाता है। इन दोनों की कमी की वजह से ही बाल झड़ने लगते हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि बाल झड़ने की समस्या से बचाने में धनिया उपयोगी सिद्ध हो सकता है। 

स्किन के लिए 

स्किन की देखभाल करने में भी धनिया आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। आपको बता दें कि धनिया के अंदर एंटी बैक्टीरियल, और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह दोनों ही गुण त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में आपकी सहायता कर सकते हैं। इसके लिए आपको केवल धनिया के पानी को गर्म करें और फिर ठंडा होने पर इसके ठंडा होने रूई के जरिए चेहरे पर लगाएं। इससे आपकी स्किन स्वस्थ हो जाएगी और स्किन से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाएंगे। 

धनिया के कुछ अन्य फायदे – Dhaniya Ke Fayde

  1. खांसी की समस्या होने पर बच्चों को अक्सर धनिया और चीनी का घोल पिलाया जाता है। महज दो से तीन बार इस घोल को पीने से ही खांसी से राहत मिलने लग जाती है। 
  2. अगर आपको भूख कम लगती है तो भी आप धनिया के बीजों का सेवन कर सकते हैं। इससे आपकी भूख बढ़ जाती है। 
  3. अगर आपको गैस से संबंधित समस्या रहती है तो महज धनिया के बीजों का सेवन करने से आपको इससे राहत मिल सकती है। 
  4. पेट दर्द की समस्या से भी राहत पाने के लिए धनिया का सेवन किया जा सकता है। 
  5. कब्ज की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए धनिया एक बेहतरीन उपाय है। इसका नियमित सेवन कब्ज से राहत दिला सकता है। 
  6. नाक से खून आने पर भी धनिया का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए बस धनिया के पत्तों को पीस लें और इसमें कपूर मिलाकर नाक में इसकी एक दो बूंद डाल दें। इससे नाक से खून आने की समस्या ठीक हो जाएगी। 
  7. सांसों की बदबू दूर करने के लिए नियमित रूप से धनिया के कुछ पत्ते लें और इन्हें चबाएं। इससे सांसों की दुर्गंध बंद हो जाएगी। 
  8. अगर आपको सिर दर्द की समस्या अक्सर रहती है तो आप धनिया और आंवला को रात को भिगोकर रखें और सुबह इसे पीस कर इसका रस निकाले। इसके बाद इसमें मिश्री डालें और पी लें। इससे आपको राहत मिल जाएगी। 
  9. गंजापन दूर करने के लिए भी धनिया का उपयोग किया जा सकता है। इसके अंदर मौजूद जिंक और आयरन गंजेपन की समस्या को रोक सकते हैं।

धनिया का उपयोग – Uses of Coriander Seeds in Hindi 
धनिया का उपयोग - Uses of Coriander Seeds in Hindi 

  • धनिया के बीज का उपयोग खड़े मसालों के रूप में किया जा सकता है। 
  • धनिया के पत्तों को सब्जी, सूप रायते और अन्य व्यंजनों में डाला जा सकता है। 
  • घरेलू उपाय में बालों और स्किन की समस्या से राहत पाने के लिए धनिया का उपयोग किया जा सकता है। 
  • धनिया के पत्तों को सीधा चबाकर खाया जा सकता है। 
  • कई पेय पदार्थों में धनिया के पत्तों का उपयोग किया जा सकता है। 
  • धनिया का इस्तेमाल कई आयुर्वेदिक दवाओं के तौर पर भी किया जाता है। 

धनिया के बीज के नुकसान – Side Effects of Coriander seeds in Hindi धनिया के बीज के नुकसान - Side Effects of Coriander seeds in Hindi 

अगर आप धनिया का सेवन करते हैं और इसके लाभ के बारे में जानते हैं तो आपको इसके नुकसान के बारे में भी जरूर जानना चाहिए। अब हम आपको धनिया के कुछ ऐसे नुकसान बताएंगे। जिन्हें जानने के बाद आप तय कर सकते हैं कि आपको इसका सेवन करना है या नहीं। 

धनिया के नुकसान 

  1. अगर आपको किसी तरह की एलर्जी की समस्या है तो धनिया का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करें। 
  2. अगर आपको ब्लड प्रेशर की दिक्कत है तो आपको डॉक्टर की सलाह के बिना धनिया पाउडर, धनिया बीज का सेवन नहीं करना चाहिए। 
  3. डायबिटीज के मरीज भी धनिया के बीज का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। वरना यह नुकसानदायक हो सकता है।

नोट – धनिया किसी भी बीमारी का उपचार नहीं है ना ही यह किसी उपचार प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे में अगर आप इसे आजमाना चाहते हैं तो आजमा सकते हैं। लेकिन कोई समस्या होने पर डॉक्टर की निगरानी में ही इसका सेवन करें। 

निष्कर्ष – Conclusion

दोस्तों हमने आपको अपने इस लेख के जरिए बता दिया है कि Coriander Means in Hindi क्या होता है। साथ ही आपने धनिया के फायदे और नुकसान भी आपने जान लिए हैं। अब अगर आपको यह लेख पसंद आया तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।  

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  1. कोरिएंडर को हिंदी में क्या कहा जाता है?

    कोरिएंडर को हिंदी में धनिया के नाम से जाना जाता है।

  2. धनिया का कौन सा भाग उपयोगी होता है?

    धनिया का पाउडर, पत्ते और बीज तीनों ही उपयोगी होते हैं।

  3. धनिया की तासीर कैसी होती है?

    धनिया की तासीर ठंडी होती है।

  4. क्या धनिया की सबसे पहले खेती भारत में की जाती थी?

    इस बात का अब तक कोई प्रमाण नहीं है कि धनिया सबसे पहले कहां पाया गया था। लेकिन आज के समय में भारत धनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है।

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